गीतांजलि सक्सेना
अबू धाबी से हिंदी की आवाज़

गीतांजलि
सक्सेना

Gitanjali Saxena

नवभारत टाइम्स की पत्रकार · PIB-मान्यता प्राप्त · जयोति संपादक

कवयित्री लेखिका पत्रकार
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०१
परिचय

शब्द ही हैं
मेरी पहचान

सिर्फ शब्दों से खिलवाड़ ही नहीं, माला में पिरोना भी है फ़ितरत। कभी भी न थमने वाला लेखन सिलसिला यूं ही जारी रहेगा हमेशा...

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उतार-चढ़ाव भरी हिचकोले खाती नौका, हिम्मत विश्वास पतवार ने किनारे दिखाए, बहुत खूबसूरत अत्यंत अनमोल जीवन पारी सभी के पड़ाव में शामिल है मम्मी योगदान।
गीतांजलि सक्सेना, अक्टूबर २०२५
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"सिर्फ शब्दों से खिलवाड़ ही नहीं,
माला में पिरोना भी है फ़ितरत,

कभी भी न थमने वाला लेखन
सिलसिला यूं ही जारी रहेगा हमेशा..."

— गीतांजलि सक्सेना
गीतांजलि सक्सेना

"शब्द ही मेरा संसार है,
शब्द ही मेरी पहचान।"

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लेखिका के बारे में

गीतांजलि
सक्सेना

नवभारत टाइम्स की वरिष्ठ पत्रकार। PIB-मान्यता प्राप्त। अबू धाबी में भारतीय महिला संघ की जयोति पत्रिका की संपादक। तीन दशकों से हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में सक्रिय।

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५०+
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