Gitanjali Saxena
तीन दशकों से हिंदी साहित्य और पत्रकारिता की अनवरत यात्रा — अबू धाबी से।
गीतांजलि सक्सेना पिछले तीन दशकों से हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। नवभारत टाइम्स में उनका लेखन पाठकों को एक अनूठा और संवेदनशील दृष्टिकोण देता रहा है।
अबू धाबी में बसी इस हिंदी लेखिका की कलम कभी नहीं रुकती। भारतीय महिला संघ (ILA), अबू धाबी की प्रतिष्ठित जयोति पत्रिका की संपादक के रूप में वे हिंदी साहित्य की अलख जगाती हैं। PIB-मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उनकी पहचान देश-विदेश में है।
उनकी रचनाएं — चाहे वह कविता हो, लेख हो, या संस्मरण — एक विशेष प्रवासी अनुभव को व्यक्त करती हैं। परदेस में रहकर देस की खुशबू को शब्दों में पिरोना उनकी विशेषता है। शब्दों का यह सफ़र जारी है… और जारी रहेगा।
"सिर्फ शब्दों से खिलवाड़ ही नहीं,
माला में पिरोना भी है फ़ितरत,
कभी भी न थमने वाला लेखन
सिलसिला यूं ही जारी रहेगा हमेशा..."