गीतांजलि सक्सेना की रचनाएं - अनिल जी की स्मृति में
क्षणिकाएं शब्दों का सागर 'मूक' शब् द भी.. 'भाव' भरे सीख दे, शब् द भँवर खेल ऐसा। घरौं दा तिनकों , फूलों से, खुशशयाँ, हसरिों भरा, सपना नह ीं , एक सोच । इठलाना मींथन…
है छिपा जीवन सार...शब्दों में जश्न सजे ससर्फ गुलदस् ता-ए-शब्दों से, अनकहे शब्द कह जाए जीवन सत्य इनहहीं में छिपे है, जजनदगी राज-रस्में 'जीवन उत्सव ' छनसमफत इनके दम पर असिलाषा िार तो कामयाबी सेहरा…
यादों के पन्नों से, य ूं अनगिनत अध्याय, जिसका वर्णन है असूंभव, अनेकों खट्टे -मीठे अनुभव, सुखद अनुभ गतयााँ, य ूं लिा आि प र्ण ववराम। कैसे भल पायेंिे, िीने का अन्दाि , उदार स्…
महारानी... एक दिन की खुशियों से ओतप्रोत एक अद् भुत सुबह रोज की दिनचयया मयनो थम सी गई एक दिन ही सही उमंग भरी जजंिगी अलग थय जयनय पहचयनय ख् ययलों जै सय न हुआ…
मौका-ए-दस् तूर मौका जन्मदिन का, सब दिन से अलग , है प्र ाप्त इसे विशेष िजाा, और दिन का िस् तूर भी कहता, भूली बबसरी यािें टटोलने, नए आयाम खोजते हुए लक्ष्यों को गतत िेते…
अनमोल है, वे लम्हें , हर एक पल, जब नन्ही परी थी आई, ईश्वर की कृपा से ममला, यह सौभाग्य हम सब को पररवार में, आज का दिन, है उसके नाम, हर खुशी 😂 बबखरे…
Today is a Special birthday to celebrate his glorious years… A moment to cherish Papa's Life journey of achievements and fulfillment. Very intelligent, always focused in studies… — Gitanjali Saxena, 11th July 2018
अनिल जी की स्मृति में गीतांजलि सक्सेना का भावपूर्ण सहरनामा — पूर्ण रचना PDF में।
It's been more than a year since he left us, seldom told him how much he meant to me and how big an influence he was on shaping my career, my views about India and the world… — Anoop Saxena
July 12 is birthday of my favorite person in the world. You were the father of the whole family. My heart aches… Keep shining bright as a diamond. — Ishita Saxena, July 2022